Shayari

Shayari On Sharab

Shayari on Sharab

Shayari On Sharab Shayari on Sharab  by Ghalib: “Ghalib Sharab Peene De Masjid Mein Beth Ker, Ya Wo Jagah Bata Jahan Khuda Nahi.” “ग़ालिब शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर, या वो जगह बता जहां खुदा नहीं ।” Best Latest Sad Shayari

Best Latest Motivational Quotes

Motivational Two Line Quotes

Latest Motivational Quotes झूठ बोलना भी एक कला है, जिसमें इंसान अपने बुने हुए जाल में फँसता भी खुद है और उलझता भी खुद है। Share Via Whatsapp     निशब्‍द हो जाता हूँ जब देखता हूँ दो घड़ी की रोटी के लिए इतनी मेहनत और एक हम नमक ज्‍यादा है, कहकर थाली खिसका देते …

Best Latest Motivational Quotes Read More »

Best Latest Sad Shayari

Latest Sad Shayari

दो मुलाकात क्या हुई हमारी तुम्हारी, निगरानी में सारा शहर लग गया | Share Via Whatsapp   बड़ी लम्बी ख़ामोशी से गुजरा हु में, किसी से कुछ कहने कि कोशिश में | Share Via Whatsapp     नींद सोती रहती है हमरे बिस्तर पे, और हम टहलते रहते है तेरी यादो में | Share Via …

Best Latest Sad Shayari Read More »

Best Latest Romantic Shayari

Best Latest Romantic Shayari in Hindi

Latest Romantic Shayari :   Aaj Phir Se Hawaon Ne Rukh Badla Hai Aaj Phir Se Fizaon Me Rang Dhala Hai Mere Dil Ko Hamesha Ho Raha Hai Ehsaas Shayad Kisi Se Ikrar Hone Wala Hai. Share Via Whatsapp Aakhein Kholu Toh Chehra Tumhara Ho Band Karu Toh Sapna Tumhara Ho, Maar Bhi Jau Toh …

Best Latest Romantic Shayari Read More »

Best Latest Hindi Shayari

Hindi Shayari Twolinequotes

Hindi Shayari :   ऐ खुदा अगर तेरे पेन की स्याही खत्म हो गई है तो मेरे खुन ले लो…  पर यूँ मोहब्बत की कहानियों को तो अधुरी न लिखा करो!   इश्क़ से बचिये जनाब गज़ब का काज़ी है ये…    ख़ुद ही सज़ा देता है जुर्म करवाने के बाद!  हम तो ‘उनके’ “दीदार” …

Best Latest Hindi Shayari Read More »

Romantic Shayari

Romantic Shayari

Romantic Shayari in Hindi : तुम्हारी इस अदा का क्या जवाब दू, अपने दोस्त को क्या उपहार दू, कोई अच्छा सा फूल होता तो माली से मंगवाता, जो खुद गुलाब है उसको क्या गुलाब दू. Share Via Whatsapp   करना है हाल-ए-दिल बयान तुझसे, मेरी ज़िंदगी बदल देगा तेरा इकरार भी तेरा इनकार भी!!   …

Romantic Shayari Read More »

Bewafa Shayari

Sad Bewafa Shayari

बेवफा शायरी हिंदी में तू बेवफा है तेरी बेवफ़ाई में दिल बेकरार ही ना करूँ, तू हुक्म दे तो तेरा इंतेज़ार ही ना करूँ, तू बेवफा है | तो कुछ इस कदर बेवफ़ाई कर, के तेरे बाद मैं किसी और से प्यार ही ना करूँ|| Share Via Whatsapp Bewafa Shayari/Sad Shayari in English   Too …

Bewafa Shayari Read More »

Ghalib Ke Sher

Ghalib Shayari

Ghalib Ke Sher (ग़ालिब के शेर ) हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को ‘ग़ालिब’ ये ख़याल अच्छा है मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले उन के देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़ वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ाइल जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना न था कुछ तो ख़ुदा था कुछ न होता तो ख़ुदा होता डुबोया मुझ को होने ने न होता मैं तो क्या होता आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक रंज से ख़ूगर हुआ इंसाँ तो मिट जाता है रंज मुश्किलें मुझ पर पड़ीं इतनी कि आसाँ हो गईं बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसाँ होना हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे कहते हैं कि ‘ग़ालिब’ का है अंदाज़-ए-बयाँ और बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मिरे आगे रेख़्ते के तुम्हीं उस्ताद नहीं हो ‘ग़ालिब’ कहते हैं अगले ज़माने में कोई ‘मीर’ भी था काबा किस मुँह से जाओगे ‘ग़ालिब’ शर्म तुम को मगर नहीं आती दर्द मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ मैं न अच्छा हुआ बुरा न हुआ कोई मेरे दिल से पूछे तिरे तीर-ए-नीम-कश को ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता   Read More

Gulzar Poetry

Gulzar Poetry

Gulzar Poetry : 1. हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें दूसरो की जय से पहले, ख़ुद को जय करें। भेद भाव अपने दिल से साफ कर सकें दोस्तों से भूल हो तो माफ़ कर सके झूठ से बचे रहें, सच का दम भरें …

Gulzar Poetry Read More »

Gulzar ki lines

Gulzar Ki Lines

Gulzar ki Lines :   बेशक ख्वाहिश चाँद की रखो , मगर क़ुबूल उसका दाग़ भी करो || Share Via Whatsapp चलो इश्क़ को इश्क़ से मिलाते हैं , उन्हें हम एक शाम चाय पर बुलाते हैं || Share Via Whatsapp कुछ रिश्ते ऐसे भी निभाए जाते हैं , एक दिन मिलने के लिए महीनों …

Gulzar ki lines Read More »